स्पष्टता न्यूज
नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार के लिए ‘खूनी गुरुवार’ वज्रपात जैसा लगा. घरेलू स्टॉक मार्केट में आज इतनी बड़ी गिरावट आई कि हरा (बढ़त) नाममात्र तो लाल (गिरावट) भरपूर दिखा. शेयर बाजार का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1247.71 अंक टूटकर 73,580.54 पर बंद हुआ. इस दौरान इसमें 1.67 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 1.64 फीसदी यानी कि 383.70 अंक गिरकर लाल निशान में 23,063.10 पर बंद हुआ.
मार्केट में इस प्रकार की गिरावट से निवेशकों के चार लाख करोड़ रुपये स्वाहा यानी कि डूब गए. सेंसेक्स के 30 शेयरों में 29 शेयर में गिरावट दिखी और केवल एक शेयर एनटीपीसी में नाममात्र 0.00 फीसदी की बढ़त आई. सितंबर में अमेरिका में बिजनेस एक्टिविटी के पांच साल से ज्यादा के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के डेटा के बाद, यूएस के 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए.
ब्याज दरों से जुड़े 2-साल के ट्रेजरी यील्ड कुछ समय के लिए 4.9% से ऊपर चले गए, जो मई 2024 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था. बेंचमार्क 10-साल का यील्ड 13.89 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.106% हो गया, जो 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर और अप्रैल 2025 के बाद एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी.यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ने से शेयर बाजार में गिरावट और तेज हो गई. आज घरेलू शेयर बाजार में चिंताएं और बढ़ गईं क्योंकि कल तेल की कीमतें 99 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिरने के बाद आज फिर से 102 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं. ईरान और अमेरिका के बीच इस बात को लेकर मतभेद बने हुए हैं कि युद्ध को कैसे खत्म किया जाए.
